तेलमा प्राथमिक विद्यालय बना बदहाली का अड्डा! बच्चों की पढ़ाई ठप, गंदगी के बीच ‘भगवान भरोसे’ फायर सुरक्षा

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बाराबंकी / दरियाबाद क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय तेलमा की हालत इन दिनों सवालों के घेरे में है। कभी बच्चों की चहल-पहल से भरा रहने वाला यह विद्यालय अब बदहाली, लापरवाही और अव्यवस्था की मिसाल बनता जा रहा है। विद्यालय में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी सबसे बड़ी वजह स्कूल में पढ़ाई और व्यवस्थाओं का पूरी तरह चरमरा जाना है।

ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय में नियमित रूप से पढ़ाई नहीं हो रही। कई बच्चों ने बताया कि शिक्षक विद्यालय में मौजूद होने के बावजूद कक्षाएं सही ढंग से नहीं चलतीं। आरोप है कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक एच.टी. मिन्हाजुदीन की शिक्षा डायरी तक पूरी नहीं है और स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील भी नहीं मिल रहा।

विद्यालय का कार्यालय भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। ऑफिस में चारों ओर गंदगी फैली हुई है और वहां कूड़े का अंबार लगा है। ऐसा लगता है मानो कार्यालय नहीं, बल्कि कबाड़खाना हो। वहीं विद्यालय के शौचालय बंद पड़े हैं, जिससे बच्चों, खासकर छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे बड़ा और खतरनाक मामला विद्यालय में लगी फायर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आया है। स्कूल में रखा अग्निशमन यंत्र बेहद संदिग्ध हालत में बताया जा रहा है। यह सिलेंडर एक निजी कंपनी द्वारा लगभग 800 रुपये में उपलब्ध कराया गया था और कंपनी के कर्मचारियों का कोई पता-ठिकाना नहीं है। ऐसे में यदि स्कूल में कभी आग लगने जैसी घटना हो जाए, तो क्या यह यंत्र सचमुच काम करेगा या नहीं, इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

हैरानी की बात यह है कि जब इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन तक नहीं उठा। इससे साफ है कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जिम्मेदार अधिकारी भी मौन हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर बच्चों के भविष्य और उनकी जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?

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